अकेलापन यह अपने जीवन की सबसे बड़ी बीमारी है।इस अकेलेपन में न जाने कितने लोगों ने अपनी जिंदगी को यह गलत रास्ते पर ले गए हैं।यह गलत रास्ता हमारे जीवन को तो गलत करता ही है।साथ ही साथ हमारे आने वाले समय में एक सबक दे जाता है। "यह दुनिया एक उलझन है, कहीं धोखा तो कहीं ठोकर है।" अंधकार की दुनिया में हम लोग ऊपर से तो खुश रहते हैं लेकिन अंदर ही अंदर कितना खालीपन यह कोई नहीं जानता है.अपने जीवन को कैसे जीना है यह आपसे अच्छा कोई नहीं जानता.मगर यह अकेलापन आपको अंदर से खोखला बना रहा है।यह एक बीमारी की तरह है.जो आपको अंदर से खोखला बना रही है।आजकल हम अपना सारा समय मोबाइल या किसी और इस अकेलेपन के चक्कर में ना जाने कितने लोगों ने आत्महत्या कर ली? हाल की घटनाओं में देखा गया है।अकेलापन हमारे मस्तिष्क को खोखला कर देता है और ऐसी चीजें सोचने लगता है जिसका परिणाम बहुत ही बुरा होता है। इसलिए अपना समय परिवार और दोस्तों के साथ गुजारना चाहिए जिसस...